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Sunday, February 17, 2008

लड़कियां कभी छोटी नहीं होतीं


लड़कियां
रोज सुबह
देहरी तक झाड़ू-पोंछा लगाती हैं
और घर हो जाती हैं।
....लड़कियां
हंसती हैं
और घूरने लगती हैं।
....लड़कियां
कभी छोटी नहीं होती हैं
बड़ी-बड़ी बातें करती हुईं।
छोटी-छोटी बातें करती हैं लड़कियां
और बड़ी हो जाती हैं।