Friday, April 23, 2010

51 सांसदों को मीरा कुमार की गंभीर चेतावनी.....वरना चली जाएगी सांसदी


sansadji.com

निजी संपत्ति मामला

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने एक गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि कुछ केन्द्रीय मंत्रियों समेत 51 सांसद अपनी संपत्तियों का खुलासा कर दें, वरना इस मामले में विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही हुई तो उन्हें अपनी सदस्यता तक गँवानी पड़ सकती है। लोकसभा सचिवालय के छह रिमाइंडरों और नौ लोकसभा बुलेटिनों में सांसदों से यह औपचारिकता पूरी करने का आग्रह किया जा चुका है। इसके बावजूद ब्योरा नहीं दिया गया है। अपनी संपत्तियों और देनदारियों का ब्योरा नहीं देने वालों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, भाजपा के पूर्व नेता कल्याणसिंह, तृणमूल कांग्रेस के तापस पाल, दिग्विजयसिंह (निर्दलीय सदस्य) और कांग्रेस सदस्य दीपेंदरसिंह हुड्डा, राव इंदरजीतसिंह, अवतारसिंह भड़ाना और संजयसिंह शामिल हैं। मीरा कुमार ने अब राजनीतिक दलों के नेताओं से आग्रह किया है कि वे अपने सदस्यों से इस प्रक्रिया को तेज करने को कहें। केंद्रीय मंत्री और नेताओं सहित 51 सांसदों ने अब तक अपनी संपत्तियों और देनदारियों के बारे में दस्तावेज मीरा कुमार को नहीं सौंपे हैं। जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 75-ए (5) के तहत किसी भी सदस्य के लोकसभा नियमों का जानबूझकर उल्लंघन करने के मामले से उसी तर्ज पर निपटा जा सकता है, जिस तरह सदन के विशेषाधिकार हनन से निपटा जाता है। विशेषाधिकार के हनन पर सदन की सदस्यता तक जा सकती है। हमने पार्टी के नेताओं से कहा है कि वे इस प्रक्रिया को तेज करने का अपने सदस्यों से आग्रह कर सहयोग करें। मीरा ने राजनीतिक दलों के नेताओं को लिखे पत्र में कहा है कि सांसदों को सदन की सदस्यता की शपथ लेने के 90 दिन के भीतर यह जानकारी सौंपना जरूरी है। नब्बे दिन की अवधि के अगस्त-सितंबर 2009 में ही खत्म हो जाने के तथ्य के बावजूद आपके दलों के कुछ सदस्यों की ओर से अब भी यह जानकारी मिलने का इंतजार है।

1 comment:

Mrs. Asha Joglekar said...

मीरा जी इसी अनुशासन को कायम रख सकें य़े शुभ कामना ।